तेरा दर तो हकीकत में दुखियों का सहारा है , दरबार तेरा मैया जन्नत का नजारा है तेरा दर तो हकीकत में दुखियों का सहारा है.......
बिगड़ी हुई तकदीरें पल भर में बनाती हो , अब लाज रखो मैया हमें तेरा सहारा है तेरा दर तो हकीकत में दुखियों का सहारा है....
टूटी हुई कश्ती है और दूर किनारा है , अब पार करो नैया भक्तों ने पुकारा है तेरा दर तो हकीकत में दुखियों का सहारा है....
जिसने भी पुकारा है दौड़ी चली आती हो , तेरे दर के ही टुकड़ों पर हम सब का गुजारा है तेरा दर तो हकीकत में दुखियों का सहारा है....
दौड़े चले आते हैं दुख दर्द के मारे यहां , सुख चैन वही पाए जिनपे तेरा इशारा है तेरा दर तो हकीकत में दुखियों का सहारा है...